Saturday, 4 January 2014

India Today : Govt to compensate victims for wrongful implication by police

Govt to compensate victims for wrongful implication by police

Ayesha Arvind   |   Mail Today  |   New Delhi, December 27, 2013 | UPDATED 10:39 IST

The police as well as the government will now have to pay a heavy price if any innocent person is wrongly implicated in any case, including those of sexual assault and terror cases.

The Supreme Court has said that "the people who are framed up are also victims of crime and hence, the authorities are obligated to pay compensation to them for agony and harassment."

Parvez Ahmad Radoo was falsely branded as a terrorist by the Delhi Police
Sending across a message loud and clear on zero-tolerance against wrongful implication, the SC order has come following a trial court verdict of Additional Sessions Judge Kamini Lau whereby, she said that every person framed was also a victim of crime and hence state agencies must cough up adequate compensation to make up for its blatant abuse of power and the loss of reputation of the victim.

Lau was hearing a matter involving four youths who spent considerable time in jail because of false charges followed by a police probe full of lapses.

'Victims of crime'

On January 29, 2010, four youths Dalip, Deepak, Ravinder and Vikas were arrested by the police and charged with offences of robbery and attempt to cause death or grievous hurt. The police officials, posted with the Jahangirpuri police station, claimed that at around 5 am, they found the four accused running and another person, identified as Nitin, following them.

Nitin informed them that the four persons had robbed him of his wallet and mobile phone and also threatened to kill him. The police arrested the four and charged them under sections 392, 397, 411 of the IPC and the matter was taken up by a court. However, during the proceedings, Nitin, testified that he had given a false testimony against the four at the behest of a businessman.

The court then directed the Crime Branch to inquire into the case and it was revealed that the four had been falsely implicated and that the police failed to discover it during its probe. In the meanwhile, the four had already spent a "considerable time" in jail, the court noted.

Lau also said "serious constitutional and human right violations" had been observed in the case since all the accused had no past criminal record, and yet had to suffer detention and trial for an offence they didn't commit.

Considering rampant cases of abuse of power by the police and the state, and citing previous Apex Court orders, she said it was necessary to educate ourselves into accepting that respect for rights of individuals was a true bastion of democracy and "therefore, it was necessary for the State to repair the damage done to the citizens."

The court ordered a compensation of Rs.50,000 to each of them. While accepting that a serious "lapse" had been committed, the police and the state opposed the compensation saying that the court had no jurisdiction over it.

The police approached the Delhi High Court, against ASJ Lau's order. The HC however, junked the appeal, and upheld the trial court ruling. The officials then approached the SC that has now dismissed the same and approved the trail court verdict.  

अजब प्रेम की गजब कहानी

माछीवाड़ा साहब: माछीवाड़ा पुलिस के पास एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक लड़की ने करीब 6महीने पहले सुसाईड नोट लिख कर खुदकुशी करने के बाद गायब हो गई थी। इस मामले पर पुलिस ने उसके पति और बहन पर मामला दर्ज कर दिया, परन्तु अब जब पुलिस ने उन्हें यूपी से बरामद किया तो उसके बाद जो सनसनीखेज़ खुलासा हुआ। उस में अजब प्रेम की गज़़ब कहानी सामने आई। 

इस प्रेम कहानी की शुरुआत कुछ साल पहले हुई। एक गांव की लड़की माछीवाड़ा नज़दीक एक धागा फैक्ट्ररी में काम करती थी और उसके प्रेम संबंध उस फैक्ट्री में काम करते बाहर के सूबे से आए एक अधिकारी के साथ हो गए। दोनों का प्यार विवाह के रूप में स्वीकृत चढ़ गया परन्तु विवाह से कुछ समय बाद ही इस लड़की को अपने पति पर शक होने लग पड़ा जिस अधीन उस ने एक सुसाईड नोट लिखा कि वह खुदकुशी करने जा रही है और उसकी मौत का जि़म्मेदार उसका पति और उस की बहन है। सुसाईड नोट लिखने के बाद इस लड़की की न तो कोई लाश मिली और न उसका कोई सुराग। 

जिस पर पुलिस ने उस के पति और बहन के खि़लाफ़ मरने के लिए मजबूर करनं का मामला दर्ज कर दिया। करीब 6महीने लापता रहने के बाद पुलिस हाथ कुछ सुराग लगा कि खुदकुशी का सुसाईड नोट लिख कर लड़की मरने की बजाय यू.पी. में रह रही है जिस पर माछीवाड़ा पुलिस के थाना प्रमुख हरजिन्दर सिंह बैनीपाल ने एक टीम का गठन किया और मोबाईल काल के आधार पर इस लड़की का सुराग लगाने में सफल हो गए और उसको यू.पी. से निर्यात कर लिया। पुलिस अनुसार यह गायब हुई लड़की वहां अपने पति के भांजो के साथ रह रही थी। 

इस कहानी में उस समय पर नया मोड़ आ गया, जब पुलिस ने लड़की को ढूंढ कर अदालत में पेश किया तो फिर लड़की ने अपने पति के पास रहने की इच्छा ज़ाहिर की और पति भी अपने पर पर्चा होने के बावजूद अपनी पत्नी को, जो कि पहले उस की प्रेमिका रह चुकी है उसको रखना स्वीकार कर लिया। माछीवाड़ा पुलिस ने तो इस मामले से पर्दा उठा सब कुछ यज्ञ ज़ाहिर कर दिया परन्तु पति-पत्नी के बीच फिर से प्रेम जाग पड़ा, जिस कारण वह फिर इकठ्ठा रहने के लिए मान गए।

Original NEWS Source:- http://originserver-www.punjabkesari.in/news/article-181199

बीवी का दो प्रेमियों से चल रहा था चक्कर, पति मारा गया!

अवैध संबंधों की लहू रंग दास्तां


पर्दे की आड़ में गैर मर्दों से पनपे रिश्ते ‌अग्नि को साक्षी मानकर‌ लिए गए सात कसमों पर भारी पड़ गए। उसने जिस शख्स के नाम की मेहंदी हाथों में रचाई थी, उसी के खून से वो हाथ लाल हो गए।

बेवफा बीवी ने अपने दो आशिकों के साथ मिलकर पति का कत्ल कर दिया। और शव को पहचाना न जा सके, इसलिए सिर को पत्‍थर से कुचल दिया। लेकिन यह जुर्म कहां छिपने वाला था। वारदात के दो महीने बाद पुलिस असली कातिलों तक पहुंच गई। और उस बेवफा बीवी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस उसके दो आशिकों की तलाश कर रही है। यह अवैध संबंधों की लहू रंग दास्तां दिल्‍ली के नरेला की है।

बिहार:प्रेमिका के दरवाजे पर प्रेमी ने खाया जहर

मुजफ्फरपुर:नये साल की पूर्व संध्या पर प्रेमिका के घर शादी का ख्याब लेकर पहुंचे प्रेमी को निराशा हाथ लगी तो उनसे खुद को खत्म करने की ठान ली. उसने प्रेमिका के घर के सामने ही जान देने की कोशिश की. इसके लिए उसने सबके सामने जहरीला पदार्थ निगल लिया. पहले उसे कटरा पीएचसी में भर्ती कराया गया. हालत बिगड़ने पर उसे पीएमसीएच रेफर कर दिया गया. मामला कटरा के यजुआर गांव का है. प्रेमी के पास से मंगलसूत्र व अन्य गहने मिले हैं. माना जा रहा है, इन्हें वह अपनी होनेवाली पत्नी के लिए लेकर आया था.

जानकारी के मुताबिक, कटरा थाना क्षेत्र के  यजुआर गांव निवासी गणेश ठाकुर (27) गांव की ही एक लड़की से प्यार करता है. मंगलवार की देर शाम वह मंगलसूत्र, टीका सहित अन्य आभूषण लेकर उसके दरवाजे पर शादी करने पहुंच गया. वह प्रेमिका के घर पर हंगामा करने लगा. इस पर लड़की के परिजनों ने उसके साथ धक्का-मुक्की भी की. उसके हंगामा करने पर कटरा पुलिस को मामले की जानकारी दी गयी. गणोश ठाकुर बार-बार शादी करने की जिद पर अड़ा था. प्रेमिका के इनकार करने पर उसने झोले से जहरीला पदार्थ निकाल कर मुंह में रख लिया.

थानाध्यक्ष रमण कुमार ने बताया, पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो वह बेहोश था. उसके झोला से सिंदूर व आभूषण मिले हैं. उसे इलाज के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. डॉक्टरों ने बताया कि उसने कोई अत्यंत जहरीला पदार्थ खा लिया है. उसके पैर के मोजा से पुलिस ने सल्फास की गोली भी बरामद की है. डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए एसकेएमसीएच रेफर कर दिया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी. इस बात की जानकारी नहीं मिली है, आखिर कब से उक्त युवती से गणोश प्यार करता था. साथ ही युवती भी गणोश से प्यार करती थी या नहीं. पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है.

जहर देकर दामाद की हत्या

मुजफ्फरपुर: बीआरएबीयू के एम कॉम के छात्र वली अहमद (25) की संदेहास्पद स्थिति में मंगलवार को सदर अस्पताल में मौत हो गयी. उसके परिजनों का कहना था कि सास व पत्नी ने जहर देकर उसकी हत्या की है. पुलिस ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया है. पोस्टमार्टम में जहर खाने से मौत की पुष्टि हुई है.     
जानकारी के अनुसार, गायघाट थाना क्षेत्र के राघोपुर निवासी ऐनुल हक का पुत्र वली अहमद एम काम का छात्र था. चार माह पूर्व उसने गांव के ही गिन्नी परवीन से शादी की थी. शादी के बाद दोनों के बीच संबंध सामान्य नहीं चल रहे थे. उसकी पत्नी ने यौन शोषण का मुकदमा भी दर्ज कराया था. वली रामबाग इलाके में किराये का कमरा लेकर पढ़ाई करता था. उसके साथ उसका भतीजा सिराज अख्तर रहता था.

सिराज ने बताया कि मंगलवार की सुबह 6 बजे के आसपास वली कमरे पर आकर बोला कि उसे जल्दी अस्पताल में भरती कराओ, उसे सास मिहनाज खातून व पत्नी गिन्नी ने जहर दे दिया है. सिराज ने अपने दोस्त की मदद से उसे फौरन सदर अस्पताल लाया, जहां उसकी मौत हो गयी. उसकी मौत की जानकारी मिलने पर उसके पिता सहित अन्य रिश्तेदार भी सदर अस्पताल पहुंच गये. उनका कहना था कि वली को अक्सर धमकी मिल रही थी. इधर, उसके पिता ने पुलिस को दिये बयान में मिनहाज व गिन्नी पर जहर देकर वली की हत्या करने का आरोप लगाया है. पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है. देर रात वली अहमद के सास व पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.

प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या

जागरण ब्यूरो, श्रीनगर : पुलिस ने कुलगाम में एक ग्रामीण द्वारा कथित तौर पर पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या करने की गुत्थी को सोमवार को सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने कहा कि मृतक ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी संग मिलकर उसे मौत के घाट उतारा था। फिलहाल, दिवंगत की पत्नी अपने प्रेमी संग पुलिस हवालात में हैं। दोनों के खिलाफ हत्या करने, हत्या की साजिश रचने व सुबूतों को मिटाने के आरोप में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 21 दिसंबर को मौतरगाम गांव के बाहरी छोर पर अब्दुल रशीद डार नामक एक स्थानीय ग्रामीण का शव पेड़ से लटका हुआ पाया गया था। कहा जा रहा था कि उसने आत्महत्या कर ली है, लेकिन जिस तरह से उसका शव मिला था, उससे पुलिस को संदेह था। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू करते हुए दिवंगत के परिजनों व दोस्तों के अलावा कुछ ग्रामीणों से भी पूछताछ की। लेकिन कोई भी यह नहीं बता पाया कि रशीद डार ने आत्महत्या क्यों की होगी। जांच के दौरान पुलिस को दिवंगत की पत्नी के बयान भी परस्पर विरोधी मिले। इसके अलावा कुछ लोगों ने उसकी पत्नी के बारे में भी पुलिस को बताया और कहा कि दोनों के बीच अक्सर तनाव रहता था। पुलिस ने इस पर अपना ध्यान उसकी बीबी की गतिविधियों पर केंद्रित किया और जल्द ही उसके हाथ एक अहम सुराग लग गया।
पुलिस ने दिवंगत अब्दुल रशीद की पत्नी मुजमिला अख्तर और अली मुहम्मद डार नामक एक स्थानीय युवक को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की। पूछताछ में दोनों टूट गए और उन्होंने बताया कि उनका आपस में प्रेम प्रसंग था। अब्दुल रशीद डार दोनों के बीच रुकावट बन रहा था, इसलिए उन्होंने उसे अपने रास्ते से हटाने की योजना बनाई। अली मुहम्मद ने बताया कि मुजमिला ने उसे 21 दिसंबर को योजना के मुताबिक अपने घर बुलाया। अंधेरा होने पर उन्होंने अब्दुल रशीद डार का गला दबा कर मार डाला। किसी को शक न हो, इसके लिए उन्होंने उसके गले में रस्सी डाली और उसके शव को गांव के बाहर एक बाग में पेड़ के साथ लटका दिया था।

Royal Bulletin : पति व बच्चों को छोड प्रेमी के संग फरार

मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र में प्यार में पागल हुई एक महिला अपने पति व बच्चों को छोडकर प्रेमी के साथ फरार हो गई। पीडित पति ने पुलिस को सूचना देते हुये बताया कि उसकी पत्नी घर से लाखो रूपये के जेवरात भी ले गई है। कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला कृष्णापुरी निवासी एक युवक ने पुलिस को तहरीर देते हुये बताया कि उसका विवाह लगभग 3-4 वर्ष पूर्व जनपद बिजनौर के केवलपुर गांव में हुआ था। उसका वैवाहिक जीवन हंसी-खुशी से चल रहा था। बिजनौर का ही एक युवक जो उसकी पत्नी का रिश्तेदार है। उसका अक्सर उसके घर आना-जाना रहता था। पीडित ने बताया कि उक्त रिश्तेदार उसकी पत्नी को अपने प्रेम-जाल में फंसाकर भगा ले गया और लाखो रूपये के नकदी व जेवरात भी ले गये। पुलिस ने पीडित की तहरीर के आधर पर कार्यवाही शुरू कर दी है।

Source:-  http://royalbulletin.com/?p=18943